श्री ए.के. सिंह, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी द्वारा बुंदेलखंड सौर उर्जा लिमिटेड के लखनऊ मुख्यालय का दौरा 12 जून 2020 को किया गया । बीएसयूएल मुख्यालय पहुंचने पर श्री ए.के. सिंह, एवं उनकी पत्नी श्रीमती सुधा सिंह का गर्मजोशी से स्वागत श्री मनीष सहाय, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, बीएसयूएल एवं उनकी पत्नी श्रीमती रूबी सहाय तथा सभी वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किया गया । कार्यालय परिसर में अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी के सम्मान में सुरक्षा कार्मिको द्वारा "गार्ड ऑफ़ ऑनर" दिया गया। तदुपरांत श्री. सिंह एवं उनकी पत्नी द्वारा कार्यालय प्रांगण में एक पौधा लगाया गया और भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीम राव अम्बेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में भारत के संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाने वाले बैनर पर हस्ताक्षर भी किए।
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि सभी को एकजुट हो कर निगम के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु कार्य करना होगा । उन्होंने कहा कि निगम की कई परियोजनाए निष्पादित करने की प्रक्रिया में है और कई योजनाओ के लिए विभिन्न राज्य सरकारों से बात चल रही है । श्री सिंह, ने पनबिजली विकास के साथ-साथ एनएचपीसी की सौर ऊर्जा की यात्रा को बड़े कैनवास पर ले जाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सहित पूर्ण भारत में कि सहभागिता के साथ सौर परियोजनाओं के विकास पर जोर दिया।
श्री सिंह ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार यूएमआरईपीपी के तहत उपयुक्त आकार की भूमि (3000 एकड़ या उससे अधिक) प्रदान करती है, तो नवीकरणीय ऊर्जा विकास के हित में तेजी से लगभग 600 मेगावाट क्षमता की परियोजना कार्यान्वयन की कार्रवाई तत्काल शुरु हो सकती है । श्री मनीष सहाय, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, बीएसयूएल ने अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक को आगामी दो वर्षों में 215 मेगावाट की प्रस्तावित क्षमता वृद्धि योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इन परियोजनाओं में लगभग 930 करोड़ रुपए के कुल निवेश की आवश्यकता होगी । इनमे कालपी (65 मेगावाट), माधोगढ़ (50 मेगावाट) और प्रतापगढ़ (100 मेगावाट) की सौर ऊर्जा परियोजनाएँ शामिल हैं । उन्होने आगे बताया कि इन सभी परियोजनाओं हेतु यूपीनेडा तथा यूपीपीसीएल से लगातार संपर्क में हैं एवं सभी से सहयोग मिल रहा है । कालपी और माधोगढ़ परियोजनाओं के लिए शीघ्र ही ईपीसी - निविदाएं मंगाई जाएंगी तथा बीएसयूएल की पहली परियोजना से विद्युत उत्पादन की शुरुआत दिसंबर 2021/जनवरी 2022 तक होने की आशा है ।
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